Guru Ravidas Jayanti 2026 माघ पूर्णिमा के पावन दिन पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। यह जयंती केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और मानवता के संदेश को दोहराने का दिन भी है। The Morning Star | Sunil Sharma के इस विशेष लेख में गुरु रविदास जी के विचारों की प्रासंगिकता को समझने का प्रयास किया गया है।
संत Guru Ravidas भक्ति आंदोलन के महान संतों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने जीवन में जाति-भेद, ऊंच-नीच और सामाजिक कुरीतियों का खुलकर विरोध किया। उनका मानना था कि मनुष्य की पहचान उसके कर्म और गुणों से होती है, न कि जन्म से। Guru Ravidas Jayanti 2026 के अवसर पर उनके विचार आज भी समाज को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने सेवा, प्रेम और करुणा को सच्ची भक्ति बताया। उनका सपना ऐसा समाज था, जहां सभी को सम्मान, भोजन और समान अधिकार मिलें। गुरु रविदास जी की वाणी सरल होते हुए भी गहरे अर्थ लिए होती है। उनके दोहे आज भी सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों की सीख देते हैं। यही कारण है कि सदियों बाद भी उनके विचार प्रासंगिक बने हुए हैं।
FAQ: Guru Ravidas Jayanti
Q1. Guru Ravidas Jayanti 2026 कब मनाई जा रही है?
माघ पूर्णिमा, 1 फरवरी 2026 को गुरु रविदास जयंती मनाई जा रही है।
Q2. गुरु रविदास जी का मुख्य संदेश क्या था?
समानता, कर्म की श्रेष्ठता और मानवता ही उनका मुख्य संदेश था।
Q3. गुरु रविदास जी किस आंदोलन से जुड़े थे?
वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में शामिल थे।

