बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ऑपरेशन हेरोफ फेज-2 के तहत पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। संगठन के अनुसार, यह अभियान कई जिलों में एक साथ चलाया गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा। बीएलए का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान सैन्य ठिकानों, गश्ती दलों और लॉजिस्टिक सपोर्ट को निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि कई इलाकों में उसकी मौजूदगी अस्थायी रूप से मजबूत रही। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार और सेना ने इन आरोपों को खारिज किया है। आधिकारिक बयानों में कहा गया कि जवाबी कार्रवाई में बड़ी संख्या में उग्रवादियों को मार गिराया गया। सरकार ने यह भी माना कि हालिया हिंसा में आम नागरिकों को नुकसान हुआ है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन हेरोफ फेज-2 सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे बलूच संघर्ष का नया अध्याय है। जब तक राजनीतिक समाधान और संवाद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती, तब तक ऐसे टकराव जारी रहने की आशंका बनी रहेगी।
यह रिपोर्ट The Morning Star | Sunil Sharma के लिए तैयार की गई है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. ऑपरेशन हेरोफ फेज-2 क्या है?
यह बीएलए द्वारा दावा किया गया एक संगठित अभियान है, जो बलूचिस्तान के कई इलाकों में चलाया गया।
Q2. इस ऑपरेशन में कितना नुकसान हुआ?
बीएलए और पाकिस्तान सरकार दोनों अलग-अलग आंकड़े पेश कर रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Q3. क्या आम नागरिक प्रभावित हुए हैं?
सरकारी बयानों के अनुसार, हालिया हिंसा में नागरिक हताहत भी हुए हैं।

