अमेरिकी टैरिफ पर एक्सपर्ट्स की प्रतिक्रिया: “भारत की सबसे बड़ी ताकत घरेलू उपभोग”, चीन संग रिश्ते भी अहम
अमेरिकी टैरिफ पर एक्सपर्ट्स बोले: भारत की ताकत घरेलू उपभोग, चीन से रिश्ते सुधारने की जरूरत

अमेरिकी टैरिफ पर एक्सपर्ट्स की प्रतिक्रिया: “भारत की सबसे बड़ी ताकत घरेलू उपभोग”, चीन संग रिश्ते भी अहम

सुधींद्र कुलकर्णी: “अमेरिका ग्लोबल पुलिसमैन की तरह बर्ताव कर रहा”

“विदेश मामलों के विशेषज्ञ सुधींद्र कुलकर्णी ने अमेरिकी टैरिफ नीति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत को लेकर रवैया बिल्कुल भी उचित नहीं है।”

  • “उन्हें किसी ने ग्लोबल पुलिसमैन नियुक्त नहीं किया है। अमेरिका पूरी दुनिया को धमका रहा है।”
  • कुलकर्णी ने चीन के राजदूत शू फीहॉन्ग के हालिया बयान का स्वागत करते हुए कहा कि चीन भी अमेरिका की टैरिफ नीति की निंदा कर रहा है और भारत के साथ खड़ा है।

पीएम मोदी का चीन दौरा

कुलकर्णी ने पीएम नरेंद्र मोदी के एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए होने वाले चीन दौरे पर कहा:

  • “2017 के बाद मोदी जी की यह पहली चीन यात्रा होगी। इससे दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा आएगी और भारत-चीन दोस्ती के नए मोड़ पर पहुंचने की उम्मीद है।

आकाश जिंदल: “भारत को सिंगल आउट करना पूरी तरह गलत”

आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ आकाश जिंदल ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर कहा:

  • “भारत को रूस से तेल खरीदने पर टारगेट करना अनुचित है, जबकि अमेरिका, यूरोप और चीन खुद रूस से तेल खरीदते हैं।”
  • उन्होंने कहा कि रूस भारत का पुराना दोस्त है और उससे तेल खरीदने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

“घरेलू उपभोग है भारत की सबसे बड़ी ताकत”

जिंदल ने आगे कहा:

  • “हमारी सबसे बड़ी ताकत घरेलू उपभोग है। आने वाले समय में जीएसटी के दो स्लैब खत्म होने जा रहे हैं, जिससे उपभोग को और बढ़ावा मिलेगा।”
  • उन्होंने अनुमान जताया कि त्योहारी सीजन के साथ ही घरेलू खपत में तेज़ी आएगी और भारत की ग्लोबल ट्रेड पर निर्भरता कम हो जाएगी।
सावधानी और बैलेंस की जरूरत

जिंदल ने कहा कि भारत को अमेरिका और चीन दोनों से सावधानी बरतते हुए संतुलित नीति अपनानी चाहिए।

  • “हमें पुरानी घटनाओं को याद रखना होगा और बैलेंस बनाए रखना होगा। लेकिन चीन और अमेरिका दोनों के साथ व्यापारिक अवसर तलाशना जरूरी है।”
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