फर्जी जमीन सौदे में फंसे जवाद अहमद सिद्दीकी | कोर्ट ने भेजा पुलिस कस्टडी में
दिल्ली में चर्चित 45 करोड़ रुपये के जमीन विवाद में बड़ा अपडेट सामने आया है। साकेत कोर्ट ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल इस मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि जमीन खरीद में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। जांच के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मदनपुर खादर गांव की करीब 1.146 एकड़ जमीन को गलत तरीके से अपने नाम कराया गया।
इस जमीन की मौजूदा कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि दस्तावेजों में इसकी कीमत केवल 75 लाख रुपये दिखाई गई थी। इसी वजह से जवाद अहमद सिद्दीकी जमीन मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। ईडी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कई लोगों की भूमिका हो सकती है। एजेंसी अब पैसों के लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है। इससे पहले भी जवाद अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका दो बार खारिज हो चुकी है।
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सवाल: जवाद अहमद सिद्दीकी को कितने दिन की कस्टडी मिली है?
जवाब: साकेत कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है।
सवाल: जमीन की कीमत कितनी बताई जा रही है?
जवाब: जांच एजेंसियों के अनुसार जमीन की कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है।
सवाल: इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
जवाब: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जांच कर रहे हैं

