झारखंड शराब घोटाला | एक साल बाद भी जांच अधूरी, सभी आरोपी जमानत पर बाहर

झारखंड में चर्चित झारखंड शराब घोटाला मामला फिर सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज इस केस को लगभग एक साल पूरा होने जा रहा है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। इस बीच मामले में गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी डिफॉल्ट बेल पर जेल से बाहर आ चुके हैं।एसीबी ने मई 2025 में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे समेत कई अधिकारियों और शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उस समय बड़े भ्रष्टाचार और फर्जी बैंक गारंटी के जरिए सरकारी ठेके देने का दावा किया था।

हालांकि तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं होने से अदालत ने आरोपियों को जमानत दे दी।जांच एजेंसी के अनुसार, नई उत्पाद नीति के जरिए कुछ निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में घोटाले की राशि 38 करोड़ रुपये बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर करीब 750 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई अब विपक्ष लगातार सरकार और एसीबी की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। लोगों के बीच भी यह चर्चा तेज है कि इतने बड़े झारखंड शराब घोटाला मामले में अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी।

FAQ

Q1. झारखंड शराब घोटाला मामला क्या है?

यह मामला नई उत्पाद नीति और शराब दुकानों में मैनपावर ठेका देने में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है।

Q2. इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए थे?

एसीबी ने अधिकारियों और कारोबारियों समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया था।

Q3. आरोपियों को जमानत क्यों मिली?

समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण अदालत ने डिफॉल्ट बेल दी।

Prem Chand | The Morning Star

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