जम्मू-कश्मीर में तेज हुआ J&K ड्रग्स अभियान, 542 केस दर्ज | सरकार ने अपनाया सख्त रुख
जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ सरकार ने बड़ा अभियान तेज कर दिया है। वर्ष 2026 में अब तक 542 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 716 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं करीब 640 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 18.49 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि J&K ड्रग्स अभियान को और मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने सख्त कानूनों के साथ पुनर्वास व्यवस्था को भी जरूरी बताया। सरकार अब ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई पर भी फोकस कर रही है।
बैठक में बताया गया कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच 489 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई। वहीं 700 वाहन पंजीकरण निलंबित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। अधिकारियों ने 22.63 लाख रुपये के बैंक खाते भी फ्रीज किए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों में काउंसलरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रयास होगा।
उन्होंने एनडीपीएस मामलों में तेजी से सुनवाई और जमानत आदेशों को चुनौती देने पर भी जोर दिया। J&K ड्रग्स अभियान के तहत सरकार अब तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रशासन का मानना है कि सख्त कार्रवाई और पुनर्वास दोनों साथ चलेंगे, तभी नशे की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा।
FAQ
Q1. J&K ड्रग्स अभियान क्या है?
यह जम्मू-कश्मीर सरकार का नशे और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान है।
Q2. 2026 में कितने केस दर्ज हुए हैं?
अब तक 542 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं।
Q3. कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
इस अभियान के तहत 716 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Q4. सरकार कौन से सख्त कदम उठा रही है?
ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करना, बैंक खाते फ्रीज करना और वाहन पंजीकरण निलंबित करना शामिल है।
Q5. पुनर्वास के लिए क्या योजना है?
सरकार स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता बढ़ाने पर काम कर रही है।

