लोकसभा हंगामा | राहुल vs सरकार
बजट सत्र के दौरान संसद में लोकसभा हंगामा उस समय बढ़ गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने एपस्टीन फाइल्स, अडाणी केस और भारत-अमेरिका ट्रेड डील का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद सदन का माहौल गरमा गया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि गंभीर आरोपों को प्रमाण के साथ रखा जाना चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि वह सबूत देने के लिए तैयार हैं। स्पीकर ने स्थिति संभालते हुए कहा कि अभी भाषण जारी रखें। इसके बावजूद लोकसभा हंगामा थमता नहीं दिखा।
राहुल ने बजट को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याएं अब भी जस की तस हैं। सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। यह लोकसभा हंगामा केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं है। यह संसद में बढ़ती वैचारिक दूरी का संकेत भी देता है। लोकतंत्र में बहस जरूरी है, लेकिन तथ्यों के साथ।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: लोकसभा हंगामा क्यों हुआ?
राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स और अडाणी केस का जिक्र किया, जिससे विवाद बढ़ा।
प्रश्न 2: किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
उन्होंने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे।
प्रश्न 3: स्पीकर ने क्या हस्तक्षेप किया?
स्पीकर ने कहा कि उन्होंने सबूत नहीं मांगे और भाषण जारी रखने को कहा।

