महाशिवरात्रि 2026 | ज्योतिर्लिंगों में उमड़ी आस्था की लहर
देशभर में महाशिवरात्रि 2026 उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। 12 ज्योतिर्लिंगों सहित प्रमुख शिव मंदिरों में आधी रात से ही दर्शन-पूजन शुरू हो गया। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। यहां भगवान महाकाल का दूल्हे के रूप में विशेष शृंगार किया गया और 11 फुट लंबा सेहरा सजाया गया।
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी सुबह से लंबी कतारें देखी गईं। ओंकारेश्वर और देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष पूजा और रुद्राभिषेक हो रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि 2026 उत्सव पर व्रत, जागरण और अभिषेक का विशेष महत्व है। इस दिन शिव-पार्वती विवाह की परंपरा भी निभाई जाती है। श्रद्धालु जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: महाशिवरात्रि 2026 का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर: इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह माना जाता है। व्रत और पूजा का विशेष फल मिलता है।
प्रश्न 2: महाशिवरात्रि 2026 उत्सव पर ज्योतिर्लिंगों में क्या खास आयोजन होते हैं?
उत्तर: विशेष आरती, रुद्राभिषेक, रात्रि जागरण और शिव बारात का आयोजन होता है।

