प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 साल: पीएम मोदी ने बताया बदलाव का असली चेहरा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे होने पर इसके प्रभाव को भारत के आर्थिक और सामाजिक बदलाव की बड़ी उपलब्धि बताया। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने करोड़ों लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। खासकर छोटे उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं को इस योजना से नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्ष 2015 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य बिना गारंटी के छोटे कारोबारियों को ऋण उपलब्ध कराना था। इसके परिणामस्वरूप, लाखों लोगों ने अपना व्यवसाय शुरू किया। वहीं, कई छोटे उद्यम आज सफल कारोबार में बदल चुके हैं। सरकार के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में 52 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह लोगों के आत्मविश्वास और सम्मान को बढ़ाने का माध्यम भी बनी है। इसके अलावा, महिलाओं ने बुटीक, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे व्यवसायों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। साथ ही, युवाओं ने स्टार्टअप और स्वरोजगार के नए अवसर बनाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने देश में उद्यमिता को बढ़ावा दिया है। यही कारण है कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान की मजबूत नींव मानी जा रही है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना कब शुरू हुई थी?
उत्तर: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई थी।
प्रश्न 2: इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराना।
प्रश्न 3: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से सबसे अधिक लाभ किसे मिला?
उत्तर: महिलाओं, युवाओं और छोटे कारोबारियों को।
रिपोर्ट: Sunil Sharma | The Morning Star
