निपाह वायरस क्या है ? भारत में बढ़ता खतरा और जरूरी जानकारी

निपाह वायरस क्या है ? भारत में बढ़ता खतरा और जरूरी जानकारी

भारत में एक बार फिर निपाह वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक वायरस है, जिसे दुनिया के सबसे जोखिम वाले रोगजनकों में गिना जाता है। हाल के मामलों के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं और संक्रमण को फैलने से रोकने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

निपाह वायरस मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैलता है। फल खाने वाले चमगादड़ इसके प्राकृतिक वाहक माने जाते हैं। संक्रमित फल, कच्चा खजूर का रस या चमगादड़ों के संपर्क में आए खाद्य पदार्थ इसके संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क से भी निपाह वायरस फैल सकता है।

इस वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे होते हैं। इनमें बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी शामिल है। कुछ मरीजों में सांस की दिक्कत भी देखी जाती है। गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन यानी एन्सेफलाइटिस हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई वैक्सीन या पक्का इलाज उपलब्ध नहीं है। इलाज केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता है। इसी कारण रोकथाम सबसे अहम उपाय है। साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन और संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर इस वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है।

यह रिपोर्ट The Morning Star | Sunil Sharma के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है, ताकि पाठकों को सही, भरोसेमंद और उपयोगी जानकारी मिल सके।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: वायरस कितना घातक है?
उत्तर: मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है।

प्रश्न 2: क्या वायरस इंसान से इंसान में फैलता है?
उत्तर: हां, संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क से यह फैल सकता है।

प्रश्न 3: वायरस से बचाव कैसे करें?
उत्तर: कच्चे फल-रस से बचें, हाथ साफ रखें और संक्रमित लोगों से दूरी बनाएं।

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