ओपन सोर्स AI भारत से तेज़ी पकड़ती AI मार्केट, स्टार्टअप्स को नई उड़ान
भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है। इस विकास में ओपन सोर्स AI भारत की भूमिका अहम मानी जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के अधिकांश टेक स्टार्टअप कम लागत और अधिक लचीलापन पाने के लिए ओपन सोर्स AI टूल्स अपना रहे हैं। इससे इनोवेशन की रफ्तार बढ़ी है और छोटे उद्यम भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओपन सोर्स AI भारत मॉडल स्टार्टअप्स को अपनी जरूरत के अनुसार सिस्टम विकसित करने की आज़ादी देता है। लाइसेंसिंग लागत कम होने से शुरुआती निवेश घटता है। साथ ही, भारतीय भाषाओं और स्थानीय समस्याओं के समाधान तैयार करना आसान हो जाता है। यही वजह है कि AI मार्केट में लगातार निवेश बढ़ रहा है।
सरकार भी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए इस बदलाव को समर्थन दे रही है। स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और AI ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ रहे हैं। इससे रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भारत की AI मार्केट कई गुना बढ़ सकती है। अगर नीति समर्थन और तकनीकी प्रशिक्षण जारी रहा, तो ओपन सोर्स AI भारत वैश्विक AI इकोसिस्टम में मजबूत पहचान बना सकता है।
FAQ
प्रश्न 1: ओपन सोर्स AI भारत क्या है?
यह ऐसा मॉडल है जिसमें AI सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होता है, ताकि डेवलपर्स उसे संशोधित कर सकें।
प्रश्न 2: स्टार्टअप्स के लिए यह क्यों फायदेमंद है?
कम लागत, अधिक कस्टमाइजेशन और तेज प्रोडक्ट डेवलपमेंट इसका मुख्य लाभ है।
प्रश्न 3: क्या इससे रोजगार पर असर पड़ेगा?
कुछ क्षेत्रों में ऑटोमेशन बढ़ेगा, लेकिन AI से जुड़े नए जॉब्स भी तेजी से बढ़ेंगे।

