"हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत आतंकियों और उनके सरपरस्त पाकिस्तान को माकूल जवाब देगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अब पाकिस्तान की किस्मत में केवल रोना लिखा है।"
प्रधानमंत्री मोदी को मिला वैश्विक समर्थन
अनिल विज ने बताया कि भारत सरकार को न केवल देशवासियों से, बल्कि कई शक्तिशाली विदेशी देशों से भी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, "भारत का इतिहास रहा है कि संकट के समय पूरा देश एकजुट होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई देशों से समर्थन पत्र मिले हैं, जो दर्शाता है कि दुनिया आज भारत के साथ है।"
पहलगाम हमला: एक सोची-समझी साजिश
अनिल विज ने पहलगाम हमले को एक सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "आतंकियों के पास सैटेलाइट फोन और हेलमेट में लगे कैमरे इस बात का प्रमाण हैं कि यह हमला पूर्व नियोजित था। आतंकियों को विशेष टारगेट दिए गए थे और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी।"
पाकिस्तान: आतंकवाद की जन्मभूमि
अनिल विज ने पाकिस्तान को आतंकवाद की जन्मभूमि बताते हुए कहा, "हर कौम की कोई न कोई जन्मभूमि होती है, और आतंकवादियों की जन्मभूमि पाकिस्तान है। इसका अंजाम पाकिस्तान को भुगतना ही पड़ेगा, चाहे देर से ही सही।"
आतंकियों का उद्देश्य: हिंदू-मुसलमान के बीच दरार पैदा करना
उन्होंने आगे कहा, "आतंकियों ने पहलगाम में हिंदुओं को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाया। नाम पूछकर और कपड़े उतरवाकर उनकी पहचान कर गोली मारी गई। उनका मकसद हिंदू और मुसलमानों के बीच फूट डालना था, लेकिन भारत में वे कभी अपने मंसूबों में सफल नहीं होंगे।"
आतंकियों का पूरा हिसाब होगा
अनिल विज ने भरोसा जताया कि भारत सरकार आतंकियों से पूरी तरह से हिसाब लेगी। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों में कह दिया है कि आतंकियों को उचित सजा मिलेगी। प्रधानमंत्री जो कहते हैं, वो करके भी दिखाते हैं। पूरा देश उनके साथ है।"
पाकिस्तान पर सिंधु जल समझौते की तलवार
सिंधु जल समझौते का जिक्र करते हुए अनिल विज ने कहा, "पाकिस्तान की किस्मत में अब केवल रोना लिखा है। अगर हम पानी रोकते हैं तो वह रोता है, अगर छोड़ते हैं तो भी रोता है। सिंधु जल समझौता 1960 में पाक-समर्थक नेताओं ने किया था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी देशहित में फैसले ले रहे हैं।"
दुनिया देखेगी पाकिस्तान का हाल
अनिल विज ने कहा कि जल्द ही पूरी दुनिया पाकिस्तान की हालत देखेगी। भारत अब न आतंक को सहन करेगा और न ही आतंकी सरपरस्तों को बख्शेगा। उन्होंने कहा, "जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। अब आतंकियों और उनके सरपरस्तों को अपने गुनाहों की कीमत चुकानी ही पड़ेगी।"

