पहलगाम हमला पीड़ित परिवार आज भी अपने साथ हुए वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहा है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इनमें महाराष्ट्र के संतोष जगदाले भी शामिल थे।
हमले के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। हालांकि, पहलगाम हमला पीड़ित परिवार का कहना है कि नौकरी का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ।
असावरी जगदाले ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कार्यालय से कई बार संपर्क किया है। हर बार उन्हें आश्वासन मिला, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अब चुनौतीपूर्ण हो चुकी है।
बीजेपी नेताओं ने कहा है कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। सरकार का दावा है कि प्रक्रिया जारी है।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. पहलगाम हमला कब हुआ था?
यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम, जम्मू-कश्मीर में हुआ था।
2. पहलगाम हमला पीड़ित परिवार को क्या वादा किया गया था?
राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था।
3. नौकरी में देरी क्यों हो रही है?
सरकार का कहना है कि प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है, लेकिन परिवार इंतजार से परेशान है।

