पाकिस्तान में भूकंप का केंद्र बिंदु – पाकिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप
रिक्टर स्केल और भूकंप के झटके – पाकिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप

पाकिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप, जम्मू-कश्मीर सहित उत्तर भारत में महसूस हुए झटके

पाकिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप, जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस हुए झटके

"उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में शनिवार सुबह लोगों ने भूकंप के झटकों को महसूस किया। यह झटके अचानक और तीव्र थे, जिससे कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.8 थी और इसका केंद्र पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्र में स्थित था।"


कहां-कहां महसूस हुए भूकंप के झटके?

भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के इस्लामाबाद के पास बताया गया है, लेकिन इसके प्रभाव की तीव्रता इतनी अधिक थी कि झटके जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-NCR तक महसूस किए गए।

विशेष रूप से श्रीनगर, जम्मू, उधमपुर, अमृतसर, पठानकोट और चंडीगढ़ में लोगों ने झटकों को महसूस किया और डर के कारण कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।


स्थानीय समय और गहराई की जानकारी

  • भूकंप का समय: सुबह करीब 10:42 बजे
  • गहराई: 120 किलोमीटर
  • केंद्र: पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र के पास
  • रिक्टर स्केल पर तीव्रता: 5.8

लोगों में डर का माहौल, लेकिन नुकसान की कोई खबर नहीं

भूकंप के झटके कुछ सेकंड्स के लिए थे लेकिन कई जगहों पर इमारतों में कंपन महसूस किया गया। स्कूल, ऑफिस और घरों में मौजूद लोग सुरक्षा के लिहाज से खुले स्थानों में चले गए

हालांकि अभी तक कहीं से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है, लेकिन प्रशासन द्वारा सतर्कता बरती जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में मॉनिटरिंग की जा रही है


पाकिस्तान में भूकंप का प्रभाव

पाकिस्तान के कई हिस्सों खासतौर पर खैबर पख्तूनख्वा, पेशावर, एबटाबाद और इस्लामाबाद में भूकंप के तीव्र झटके दर्ज किए गए। सोशल मीडिया पर साझा की गईं तस्वीरों और वीडियो में लोग दहशत में बाहर भागते नजर आए

कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हुई, लेकिन किसी बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग ने हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।


भूकंप की बार-बार घटनाएं और उनका कारण

पाकिस्तान और उत्तर भारत का क्षेत्र हिमालयी टेक्टोनिक प्लेट की सीमा पर स्थित है। यह इलाका सिस्मिक जोन 4 और 5 में आता है, जहां भूगर्भीय हलचलें सामान्य हैं। टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव के कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब दो टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे की ओर दबाव डालती हैं, तो उनके बीच संचित ऊर्जा धरती के भीतर टूटन पैदा करती है, जिससे भूकंपीय तरंगें उत्पन्न होती हैं


लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

भूकंप के दौरान और बाद में लोगों को कुछ ज़रूरी बातों का पालन करना चाहिए:

भूकंप के दौरान:

  • शांत रहें और घबराएं नहीं
  • किसी मज़बूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिपें
  • दीवारों और खिड़कियों से दूर रहें
  • सीढ़ियों या लिफ्ट का प्रयोग न करें
  • खुले स्थान में पहुँचने का प्रयास करें

भूकंप के बाद:

  • टीवी, रेडियो या सरकारी स्रोतों से अपडेट लेते रहें
  • गैस, बिजली और पानी की लाइनें चेक करें
  • अगर संभव हो, इमारत से बाहर जाएं और सुरक्षित स्थान पर रहें
  • अफवाहों से बचें

भूकंप से निपटने के लिए सरकार की तैयारी

भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के आपदा प्रबंधन विभाग इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सतर्क रहते हैं। भारत में NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमें पहले से ही प्रशिक्षित हैं और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं।


क्या आने वाले दिनों में और झटके आ सकते हैं ?

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स यानी छोटे-छोटे झटके आ सकते हैं। इसलिए अगले 24 से 48 घंटों तक लोगों को सतर्क रहना चाहिए। प्रशासन भी लगातार हालात की निगरानी कर रहा है।


सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

झटकों को महसूस करते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Twitter, Facebook और WhatsApp पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कई लोगों ने वीडियो और फोटोज भी पोस्ट किए जिसमें इमारतें हिलती दिख रही थीं।

Please Read and Share