राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हालिया चार्जशीट में पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क की नई कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अब आतंकवादी संगठन जंगलों और सीमावर्ती इलाकों से आगे बढ़कर शहरों में पढ़े-लिखे युवाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस नई पाकिस्तान आतंकी रणनीति में सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड चैट और कट्टर वैचारिक प्रचार का इस्तेमाल किया जा रहा है। NIA के मुताबिक, अंसार गजवत-उल-हिंद और अल-कायदा से जुड़े मॉड्यूल युवाओं को ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे विचारों के जरिए प्रभावित कर रहे थे।
जांच में जाकिर मूसा और उमर नबी जैसे नाम सामने आए हैं, जो ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे थे। एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान आतंकी रणनीति अब केवल हथियारों तक सीमित नहीं रही। डिजिटल प्रचार को भी बड़ा हथियार बनाया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI स्थानीय मॉड्यूल का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे आरोपों से बचने की कोशिश कर रही थी।
FAQ
सवाल: NIA ने किस रणनीति का खुलासा किया?
जवाब: NIA ने ‘डॉक्टर टेरर मॉड्यूल’ और डिजिटल कट्टरता नेटवर्क का खुलासा किया है।
सवाल: पाकिस्तान आतंकी रणनीति में क्या बदलाव आया?
जवाब: अब सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को प्रभावित किया जा रहा है।
सवाल: जांच में कौन से संगठन का नाम आया?
जवाब: अंसार गजवत-उल-हिंद और AQIS का नाम जांच में सामने आया है।

