लाभार्थियों को बड़ी राहत
“प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों लाभार्थियों के लिए खुशखबरी है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी वित्त वर्ष 2025-26 में भी जारी रहेगी। यह सब्सिडी प्रति वर्ष अधिकतम 9 रीफिल (5 किलो सिलेंडर के लिए अनुपातिक) तक दी जाएगी। इस पर सरकार 12,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।”
PMUY का उद्देश्य और अब तक की उपलब्धियां
मई 2016 में शुरू हुई PMUY का उद्देश्य देशभर के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को डिपॉजिट-फ्री एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
- अब तक जारी कनेक्शन: 1 जुलाई 2025 तक लगभग 10.33 करोड़
- मिलने वाली सुविधाएं: सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा होज, DGCC बुकलेट, इंस्टॉलेशन चार्ज, पहली रीफिल और चूल्हा (उज्ज्वला 2.0 में)
इन सभी खर्चों को भारत सरकार और तेल विपणन कंपनियां (OMCs) मिलकर वहन करती हैं।
सब्सिडी बढ़ने की पृष्ठभूमि
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का 60% आयात करता है। मई 2022 में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव से गरीब परिवारों को बचाने के लिए 200 रुपये प्रति सिलेंडर की लक्षित सब्सिडी शुरू हुई, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये किया गया।
उपभोग में बढ़ोतरी
PMUY उपभोक्ताओं की औसत वार्षिक रीफिल खपत लगातार बढ़ रही है:
- 2019-20: 3 रीफिल प्रति परिवार
- 2022-23: 3.68 रीफिल
- 2024-25: 4.47 रीफिल
सरकार का मानना है कि यह सब्सिडी स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देगी और गरीब परिवारों के लिए रसोई गैस का उपयोग आसान बनाएगी।
