हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में गांजा तस्करी का खुलासा, RPF ने तीन आरोपियों को पकड़ा
“हावड़ा से नई दिल्ली जाने वाली 12301 राजधानी एक्सप्रेस में हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रेन के सेकेंड एसी कोच में अचानक छापेमारी की और वहां से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया। यह घटना देश की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों में से एक, राजधानी एक्सप्रेस, में घटी, जो अपनी तेज रफ्तार और आरामदायक यात्रा के लिए जानी जाती है। RPF की इस कार्रवाई ने न केवल यात्रियों को हैरान कर दिया, बल्कि रेलवे में हो रही अवैध गतिविधियों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।”
राजधानी एक्सप्रेस में RPF की अचानक रेड
हावड़ा से नई दिल्ली की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस में सभी यात्री आराम से सफर कर रहे थे। तभी RPF और CIB (क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) के जवान कोच में पहुंचे। उनके पहुंचते ही सेकेंड एसी कोच में बैठे एक युवक के चेहरे का रंग उड़ गया और उसके माथे पर पसीना झलकने लगा।
संदेह होने पर जवानों ने उसकी तलाशी ली और उसके ट्रॉली बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
तीन तस्कर एक ही ट्रेन में सफर कर रहे थे
पूछताछ में सामने आया कि वह युवक अकेला नहीं था। उसके दो साथी भी उसी राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। RPF ने दोनों को ढूंढ निकाला और उनकी तलाशी में भी गांजा मिला।
तीनों के ट्रॉली बैग से कुल 14 पैकेट गांजा बरामद किया गया, जिनका वजन लगभग 1 किलो प्रति पैकेट था। बरामद माल की बाजार कीमत करीब 6,30,000 रुपये आंकी गई।
गांजे की सप्लाई चेन का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह गांजा उन्हें ओडिशा के अंगुल निवासी संजय नामक व्यक्ति ने दिया था। इन पैकेट्स को प्रयागराज में रहने वाले रामकुमार को सौंपना था। इसके बदले उन्हें मोटी रकम मिलने वाली थी।
आरोपियों की पहचान और जब्त सामान
RPF ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार की:
- सौरभ कुमार (18 वर्ष) – नालंदा निवासी
- अखिलेश मोहन (24 वर्ष) – सिवान निवासी
- रंजीत कुमार (21 वर्ष) – हरियाणा के पानीपत में रह रहे
जांच में उनके पास से निम्नलिखित सामान जब्त हुआ:
- 14 किलो गांजा
- 2100 रुपये नकद
- तीन ट्रॉली बैग
- एक बैकपैक
- मोबाइल फोन
RPF और GRP की संयुक्त कार्रवाई
इस ऑपरेशन में RPF और GRP (Government Railway Police) की संयुक्त टीम शामिल थी।
टीम में शामिल अधिकारी और जवान:
- RPF इंस्पेक्टर अजय प्रकाश
- एसआई मनीषा कुमारी
- एसआई पालिक मिंज
- राकेश कुमार, सत्येंद्र प्रसाद, राम प्रसाद
- CIB इंस्पेक्टर अरविंद कुमार राम
- एएसआई सुशील कुमार, शशिकांत तिवारी
- GRP एएसआई नंदलाल राम, दिलीप कुमार पाल, राजकुमार पासवान
कुल 19 सदस्यीय टीम ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
रेलवे सुरक्षा में RPF की अहम भूमिका
रेलवे में होने वाली तस्करी, चोरी और अवैध गतिविधियों को रोकने में RPF की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी इस तरह की घटनाएं होना यह दर्शाता है कि तस्कर किस हद तक पहुंच चुके हैं।
आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे थाना में FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब इस केस में सप्लाई चेन और अन्य शामिल लोगों की तलाश कर रही है। संभावना है कि इस नेटवर्क के कई और सदस्य सामने आ सकते हैं।
ट्रेन में गांजा तस्करी कैसे रोकें?
रेलवे यात्रियों को भी इस तरह की घटनाओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी यात्री को संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो तुरंत RPF या GRP को सूचित करना चाहिए। इससे न केवल अपराधी पकड़े जाएंगे, बल्कि ट्रेन यात्रा भी सुरक्षित रहेगी।
गांजा तस्करी पर कानून
भारत में NDPS Act (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत गांजा रखने, बेचने या तस्करी करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
“राजधानी एक्सप्रेस में हुई इस गांजा तस्करी की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। RPF की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से इस बार तस्कर पकड़े गए, लेकिन जरूरी है कि यात्रियों में भी जागरूकता बनी रहे।”

