राजपाल यादव चेक बाउंस केस | तिहाड़ से पहले भावुक बयान
बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह है राजपाल यादव चेक बाउंस केस, जिसमें तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण से पहले उनका भावुक बयान सामने आया। इस बयान ने न सिर्फ उनके प्रशंसकों को चौंकाया, बल्कि यह भी दिखाया कि कानूनी और आर्थिक दबाव किसी को भी अंदर से तोड़ सकता है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आत्मसमर्पण से पहले राजपाल यादव ने कहा, “मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई और रास्ता नहीं दिखता। इस लड़ाई में मैं अकेला हूं।” उनका यह बयान तेजी से वायरल हुआ। कई लोगों ने इसे एक कलाकार की मजबूरी बताया, तो कुछ ने कानून की सख्ती को जरूरी माना।यह मामला साल 2010 से जुड़ा है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म अता पता लापता के लिए कर्ज लिया था। फिल्म के असफल होने के बाद आर्थिक संकट गहराता चला गया। इसके बाद जारी किए गए चेक बाउंस हो गए और मामला अदालत तक पहुंचा। समय के साथ बकाया रकम बढ़ती गई। अदालत ने कई बार राहत दी, लेकिन बार-बार देरी के चलते सख्त रुख अपनाया गया।
राजपाल यादव चेक बाउंस केस यह साफ करता है कि प्रसिद्धि के बावजूद कानून सभी के लिए समान है। यह केस फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक सीख बनकर उभरा है।
Byline: Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. राजपाल यादव चेक बाउंस केस क्या है?
यह मामला कर्ज की राशि न चुका पाने और चेक बाउंस होने से जुड़ा है।
Q2. राजपाल यादव को तिहाड़ जेल क्यों जाना पड़ा?
अदालत ने अंतिम राहत देने से इनकार किया और आत्मसमर्पण का आदेश दिया।
Q3. यह केस कब शुरू हुआ था?
इस केस की शुरुआत 2010 में कर्ज लेने के बाद हुई।
