संतकबीर नगर बिजली संकट | सात दिन से अंधेरे में डूबे कई गांव, ग्रामीण परेशान
संतकबीर नगर बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। जिले के हरिहरपुर और मुखलिसपुर क्षेत्र के कई गांव पिछले सात दिनों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। तेज आंधी और तूफान के कारण बिजली के पोल टूट गए थे, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पियारेपुर गांव निवासी प्रदीप कुमार और राहुल कुमार ने बताया कि 11 हजार वोल्टेज लाइन के तीन पोल आंधी में टूट गए थे। इसके बाद से गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है। लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांवों में जा रहे हैं।
वहीं इनवर्टर बंद होने से पानी की समस्या भी बढ़ गई है। घोरहट और परसादीपुर गांव के लोगों ने कहा कि बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पंखे, कूलर और फ्रिज जैसे उपकरण बेकार पड़े हैं। गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। मुखलिसपुर क्षेत्र के परशुरामपुर, भिटनी और कलान गांव में भी सड़क किनारे लगे कई पोल टूट गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद बिजली विभाग तेजी से काम नहीं कर रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि मरम्मत कार्य जारी है और जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
FAQ
प्रश्न 1: संतकबीर नगर में बिजली संकट क्यों हुआ?
तेज आंधी और तूफान के कारण कई बिजली पोल और तार टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
प्रश्न 2: कौन-कौन से गांव प्रभावित हैं?
पियारेपुर, घोरहट, परसादीपुर, परशुरामपुर, भिटनी और कलान समेत कई गांव प्रभावित हैं।
प्रश्न 3: बिजली विभाग ने क्या कहा?
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य चल रहा है और जल्द सप्लाई बहाल होगी।

