वैश्विक बाजार में इस समय silver gold prices लगातार सुर्खियों में हैं। सोना जहां रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बना हुआ है, वहीं चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाते हुए तेज़ बढ़त दर्ज की है। साल 2026 की शुरुआत में ही दोनों कीमती धातुओं ने मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे बाजार में नई हलचल पैदा हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, silver gold prices में तेजी का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की तलाश है। सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, जबकि चांदी औद्योगिक और निवेश दोनों मांगों के कारण मजबूत बनी हुई है।
हाल के महीनों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। छोटे निवेशक भी अब silver gold prices पर नजर रखते हुए ETF और फिजिकल मेटल में निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉलर की चाल और ब्याज दरों की नीति भी इन कीमतों को प्रभावित कर रही है।
हालांकि, विश्लेषक यह भी मानते हैं कि इतनी तेज़ बढ़त के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए निवेश से पहले जोखिम का आकलन करना जरूरी है। The Morning Star | Sunil Sharma के विश्लेषण के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशक रणनीति के साथ आगे बढ़ें तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. Silver gold prices क्यों बढ़ रहे हैं?
वैश्विक अनिश्चितता, निवेश मांग और सीमित सप्लाई इसके प्रमुख कारण हैं।
Q2. क्या अभी सोना और चांदी में निवेश करना सही है?
लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अवसर मौजूद हैं, लेकिन जोखिम समझना जरूरी है।
Q3. Silver gold prices पर सबसे ज्यादा असर किसका पड़ता है?
डॉलर की स्थिति, ब्याज दरें और वैश्विक राजनीतिक घटनाएं सबसे ज्यादा असर डालती हैं।

