15 मिनट में चार्ज होगी EV बैटरी | गोरखपुर के शोध ने बढ़ाई उम्मीद
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच सॉलिड-स्टेट बैटरी तकनीक को लेकर बड़ी सफलता सामने आई है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शोधार्थी मयंक श्रीवास्तव ने ऐसी नई तकनीक विकसित की है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन केवल 10 से 15 मिनट में चार्ज हो सकेंगे। इस सॉलिड-स्टेट बैटरी तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है। मौजूदा लिथियम-आयन बैटरियों में लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग होता है, जिससे आग और विस्फोट का खतरा बना रहता है। वहीं नई तकनीक में ठोस इलेक्ट्रोलाइट का इस्तेमाल किया गया है, जो बैटरी को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनाता है।
शोधकर्ताओं ने क्रिस्टलोग्राफिक इंजीनियरिंग और कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग की मदद से आयन चालकता को बेहतर बनाया। इससे बैटरी तेजी से चार्ज होने में सक्षम हुई। साथ ही वाहन की ड्राइविंग रेंज बढ़ाने और बैटरी लाइफ बेहतर करने में भी सफलता मिली है। इस शोध को अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के प्रतिष्ठित जर्नल समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर मान्यता मिली है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सॉलिड-स्टेट बैटरी तकनीक भविष्य में EV सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
FAQ
सवाल 1: सॉलिड-स्टेट बैटरी तकनीक क्या है?
यह ऐसी बैटरी तकनीक है जिसमें ठोस इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग किया जाता है।
सवाल 2: इससे क्या फायदा होगा?
EV तेजी से चार्ज होंगे और बैटरी सुरक्षा बेहतर होगी।
सवाल 3: यह शोध कहां हुआ है?
यह शोध गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हुआ है।

