भारतीय शेयर बाजार में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर एक बार फिर सुर्खियों में है। खासतौर पर Suzlon Energy को लेकर निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने अपने कारोबार और वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार किया है। इसी वजह से सुजलॉन एनर्जी को लेकर ब्रोकरेज हाउस सकारात्मक नजरिया दिखा रहे हैं। सुजलॉन एनर्जी पहले भारी कर्ज के कारण दबाव में थी, लेकिन अब स्थिति काफी बदल चुकी है। कंपनी ने लगातार कर्ज घटाया है और कैश फ्लो को मजबूत किया है। इसका सीधा असर इसके शेयर की स्थिरता और भरोसे पर पड़ा है। सुजलॉन एनर्जी भारत की विंड एनर्जी इंडस्ट्री की अग्रणी कंपनियों में शामिल है और देश में पवन ऊर्जा इंस्टॉलेशन में इसकी हिस्सेदारी मजबूत मानी जाती है।
कंपनी का ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस बिजनेस भी इसकी बड़ी ताकत है। इससे नियमित और स्थिर आय मिलती है। आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग का फायदा सुजलॉन एनर्जी को मिलने की उम्मीद है। सरकारी नीतियां भी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के पक्ष में हैं, जिससे कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलता है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेहतर ऑर्डर बुक और सुधरे मार्जिन के चलते सुजलॉन एनर्जी के शेयर में आगे चलकर अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को बाजार के जोखिमों को समझते हुए ही फैसला लेना चाहिए।
— Sunil Sharma | The Morning Star
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: क्या सुजलॉन में निवेश सुरक्षित है?
सुजलॉन एनर्जी की वित्तीय स्थिति पहले से बेहतर हुई है, लेकिन शेयर बाजार में जोखिम हमेशा रहता है।
प्रश्न 2: सुजलॉन किस सेक्टर में काम करती है?
कंपनी मुख्य रूप से विंड एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करती है।
प्रश्न 3: क्या यह शेयर लॉन्ग टर्म के लिए ठीक है?
रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग को देखते हुए लॉन्ग टर्म में इसमें संभावना मानी जाती है।

