टिम कुक की टैरिफ रणनीति से एप्पल को बचाते हुए
टैरिफ नीति में बदलाव के बीच एप्पल सीईओ की रणनीति

टिम कुक की कारोबारी चतुराई: टैरिफ संकट में एप्पल को कैसे बचा रहे हैं सीईओ


टिम कुक की टैरिफ रणनीति से ट्रंप की नीतियों को मिल सकती है चुनौती टिम कुक, एप्पल के सीईओ, केवल एक सफल टेक्नोलॉजी लीडर ही नहीं, बल्कि एक कुशल रणनीतिकार भी साबित हो रहे हैं। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे टैरिफ युद्ध के माहौल में उन्होंने एप्पल को बचाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इन फैसलों का मकसद ट्रंप की टैरिफ नीति के दुष्प्रभावों को कम करना है।”


टैरिफ नीति और एप्पल पर इसका प्रभाव

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में आयातित उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाए, विशेष रूप से चीन से आने वाले सामान पर। चूंकि एप्पल के अधिकांश उत्पाद चीन में बनते हैं, इसलिए यह कंपनी भी सीधे तौर पर इस नीति से प्रभावित हुई।


टिम कुक की टैरिफ रणनीति: कैसे बचा रहे हैं एप्पल को

टिम कुक की टैरिफ रणनीति का आधार समझदारी, संतुलन और तेज फैसले हैं। उन्होंने एप्पल की सप्लाई चेन को री-डिज़ाइन करने से लेकर राजनीतिक संवाद स्थापित करने तक कई अहम कदम उठाए।

सप्लाई चेन में विविधता लाना

टिम कुक ने एप्पल की निर्भरता केवल चीन पर कम करने के लिए वियतनाम, भारत और मलेशिया जैसे देशों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया। इससे टैरिफ से बचाव में मदद मिली।

व्हाइट हाउस से संवाद

टिम कुक ने सीधे ट्रंप से मुलाकात कर यह स्पष्ट किया कि एप्पल पर पड़ने वाला टैरिफ का असर उपभोक्ताओं को महंगे प्रोडक्ट के रूप में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों जैसे सैमसंग की स्थिति से तुलना करते हुए तर्क दिया कि यह असमान व्यवहार है।


एप्पल की रणनीति के अन्य प्रमुख पहलू

लॉन्ग टर्म विज़न

टिम कुक ने टैरिफ को सिर्फ चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखा। उन्होंने सप्लाई नेटवर्क को और मजबूत बनाकर भविष्य के व्यापारिक तनाव से निपटने की तैयारी की।

तकनीकी नवाचार

उन्होंने R&D पर खर्च बढ़ाया ताकि एप्पल के पास ऐसे उत्पाद हों जो स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा सकें। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में किसी भी नीति बदलाव से कंपनी सुरक्षित रहेगी।


व्यापारिक रणनीति बनाम राजनीतिक टकराव

टिम कुक की टैरिफ रणनीति यह दर्शाती है कि एक कंपनी किस तरह अपने कारोबारी हितों की रक्षा कर सकती है, भले ही वह राजनीतिक फैसलों के उलट हो।


क्या अन्य कंपनियां सीख सकती हैं कुछ ?

बिलकुल। एप्पल का यह दृष्टिकोण अन्य वैश्विक कंपनियों के लिए एक केस स्टडी की तरह है। खासकर उन कंपनियों के लिए जो एक ही सप्लाई सोर्स पर निर्भर हैं या जिनकी बाजार नीति सरकार की नीति से टकरा सकती है।


वैश्विक व्यापार पर रणनीति का असर

  • उपभोक्ताओं को राहत: महंगे टैरिफ के बावजूद एप्पल ने कीमतों में अधिक बढ़ोतरी नहीं की।
  • नई नौकरियां: भारत और वियतनाम में उत्पादन शुरू करने से स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके मिले।
  • कंपनी की स्थिरता: एप्पल की कमाई और मुनाफा टैरिफ संकट के बावजूद स्थिर रहा।
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