Union Budget 2026 | वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा दांव
नई दिल्ली। Union Budget 2026 को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। 1 फरवरी को पेश होने वाला यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल तनाव और व्यापारिक चुनौतियां बनी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार आम बजट पेश करेंगी। ऐसे में सरकार से संतुलित और दूरदर्शी नीतियों की उम्मीद की जा रही है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पहले ही संकेत दे चुका है कि FY27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है। इसी आधार पर Union Budget से इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देने की उम्मीद है। सरकार घरेलू मांग को सहारा देने और निवेश माहौल को बेहतर बनाने पर फोकस कर सकती है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम बेहतर कैपिटल फ्लो और टैक्स नियमों में स्पष्टता चाहता है। वहीं, क्लीन एनर्जी सेक्टर स्किलिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ाने की मांग कर रहा है। बाजार निवेशकों को पूंजीगत लाभ कर में राहत और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में किसी भी बढ़ोतरी से बचने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, Union Budget 2026 से स्थिरता, विकास और भरोसे का संदेश देने की अपेक्षा है, ताकि भारत वैश्विक चुनौतियों के बीच अपनी आर्थिक रफ्तार बनाए रख सके।
The Morning Star | Sunil Sharma
FAQs (Union Budget 2026)
प्रश्न 1: New Union Budget कब पेश होगा?
उत्तर: New Union Budget रविवार, 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।
प्रश्न 2: बजट से किन सेक्टरों को सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं?
उत्तर: स्टार्टअप, इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, MSME और शेयर बाजार को बजट से बड़ी उम्मीदें हैं।
प्रश्न 3: बजट के दिन शेयर बाजार खुला रहेगा या नहीं?
उत्तर: हां, NSE और BSE दोनों में सामान्य समय पर कारोबार होगा।
