वक्फ कानून पर बंगाल में हिंसा के बाद जली हुई पुलिस गाड़ी
मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून विरोध के दौरान भीड़ और पुलिस आमने-सामने

वक्फ कानून को लेकर बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा, पुलिस वाहन जलाए गए, ममता सरकार पर BJP का निशाना

“वक्फ कानून पर बंगाल में हिंसा: मुर्शिदाबाद में भड़की भीड़, बीजेपी ने ममता सरकार को घेरा वक्फ कानून पर बंगाल में हिंसा मंगलवार को उस वक्त तेज हो गई जब मुर्शिदाबाद जिले में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। विरोध कर रही भीड़ ने पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया और सुरक्षा बलों पर पत्थरबाज़ी की। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।”


क्यों हुआ विवाद ?

हिंसा की वजह केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों की निगरानी और नियंत्रण से संबंधित नियमों पर आधारित विवाद है। हाल ही में प्रस्तावित या लागू वक्फ से जुड़े कानूनों को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय में असंतोष देखा गया है।

मुर्शिदाबाद में लोगों का आरोप था कि वक्फ संपत्तियों पर राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है। इसी के विरोध में एक स्थानीय प्रदर्शन आयोजित किया गया जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।


क्या हुआ मुर्शिदाबाद में ?

घटना मंगलवार दोपहर की है जब मुर्शिदाबाद के बहादुरगंज इलाके में सैकड़ों लोग इकट्ठा होकर वक्फ कानून के खिलाफ विरोध कर रहे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया।

  • पुलिस की दो गाड़ियों को आग लगा दी गई
  • बाजार में कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया
  • मुख्य सड़क पर पथराव से यातायात बाधित हुआ
  • पुलिस पर भी हमला किया गया, जिसमें कई जवान घायल हुए

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थिति पर काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को मौके पर भेजा गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी की।

पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।


BJP का ममता बनर्जी पर हमला

हिंसा के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा:
“ममता सरकार वक्फ संपत्तियों को लेकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है, जिसकी वजह से आज बंगाल जल रहा है। राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।”

बीजेपी ने केंद्र से रिपोर्ट मांगी है और राष्ट्रपति शासन की मांग भी कुछ नेताओं ने दोहराई है।


तृणमूल कांग्रेस की सफाई

टीएमसी नेताओं ने आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि विपक्ष इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लिया है और जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।


वक्फ कानून: विवाद की जड़ क्या है ?

वक्फ अधिनियम भारत में मुसलमानों द्वारा धार्मिक, चैरिटेबल या शैक्षिक उपयोग के लिए छोड़ी गई संपत्तियों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था। लेकिन हाल के वर्षों में इन संपत्तियों के दुरुपयोग, विवादित स्वामित्व और राजनीतिक प्रभाव के मामलों ने कानून की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।


लोगों की मांगें

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि:

  • वक्फ संपत्तियों की निष्पक्ष जांच हो
  • सभी संपत्तियों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन कराया जाए
  • धार्मिक संगठनों के बजाय प्रशासनिक नियंत्रण हो
  • कानून का दुरुपयोग रोका जाए

सुरक्षा व्यवस्था सख्त

मुर्शिदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। इंटरनेट सेवाएं कुछ घंटों के लिए बंद कर दी गईं। जिले के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन निगरानी भी शुरू की गई है।


राजनीतिक असर क्या होगा ?

यह घटना केवल एक कानून पर विरोध नहीं है, बल्कि राजनीतिक और सांप्रदायिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है।

बंगाल की राजनीति में वक्फ, अल्पसंख्यक अधिकार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे हमेशा से संवेदनशील रहे हैं। इस घटना के बाद भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीव्र हो सकते हैं।


आगे क्या ?

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि:

  • सरकार हिंसा में शामिल दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाती है
  • क्या केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करती है
  • क्या विपक्ष इस मुद्दे को आगामी चुनावों में उठाएगा
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