परिसीमन 2026 | लोकसभा सीटों में 50% तक बढ़ोतरी का नया प्लान

परिसीमन 2026 क्या है और क्यों चर्चा में है

परिसीमन 2026 इन दिनों देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। सरकार संसद के विशेष सत्र में ऐसा प्रस्ताव लाने जा रही है, जिससे लोकसभा सीटों की संख्या में बड़ा बदलाव हो सकता है। इस बार परिसीमन केवल 2011 की जनगणना पर आधारित नहीं होगा, बल्कि एक नए फॉर्मूले के तहत राज्यों की हिस्सेदारी तय की जाएगी।

इस बदलाव का मकसद यह बताया जा रहा है कि सभी राज्यों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिल सके। इसके तहत कई राज्यों की सीटों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना है।

परिसीमन 2026 से क्या बदल सकता है

नई योजना के अनुसार, परिसीमन 2026 देश के चुनावी नक्शे को बदल सकता है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में सीटों की संख्या काफी बढ़ सकती है।

इसके अलावा, लोकसभा की कुल सीटों की सीमा को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। अभी जहां 543 सीटें हैं, वहीं इसे बढ़ाकर 850 तक किया जा सकता है। इससे संसद का स्वरूप और प्रतिनिधित्व दोनों बदल जाएंगे।

विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध

परिसीमन 2026 को लेकर विपक्षी दलों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।

विपक्ष का आरोप है कि यह बदलाव राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। वहीं सरकार का दावा है कि नया फॉर्मूला सभी राज्यों के लिए फायदेमंद रहेगा।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: परिसीमन 2026 क्या है?
उत्तर: यह लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया है, जिसमें नया फॉर्मूला लागू किया जाएगा।

प्रश्न 2: क्या सीटें बढ़ेंगी?
उत्तर: हां, प्रस्ताव के अनुसार सीटों में 50% तक बढ़ोतरी संभव है।

प्रश्न 3: क्या सभी राज्यों को फायदा होगा?
उत्तर: सरकार का दावा है कि सभी राज्यों को लाभ मिलेगा।

Jai Sharma | The Morning Star

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