वैशाख पूर्णिमा 2026 | जानें पूजा, मुहूर्त और महत्व

वैशाख पूर्णिमा 2026 | क्यों है खास दिन?

वैशाख पूर्णिमा 2026 पूजा का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। वहीं बौद्ध धर्म में यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण से जुड़ा हुआ है।

इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा 2026 पूजा 1 मई को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात से शुरू होकर 1 मई की रात तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार पूजा इसी दिन करना शुभ माना गया है।

वैशाख पूर्णिमा 2026 पूजा विधि

वैशाख पूर्णिमा 2026 पूजा के लिए सुबह जल्दी उठना चाहिए। सबसे पहले स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को चौकी पर स्थापित करें।

फिर पीले फूल, अक्षत और दीपक अर्पित करें। पंचामृत से भगवान का अभिषेक करें। इसके बाद सत्यनारायण कथा सुनना या पढ़ना बहुत शुभ माना जाता है।

शाम को चंद्रमा निकलने के बाद चंद्र देव को दूध मिश्रित जल अर्पित करें। इससे मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

दान का महत्व

वैशाख पूर्णिमा 2026 पूजा में दान का विशेष महत्व है। इस समय गर्मी अधिक होती है, इसलिए जल दान को सबसे बड़ा पुण्य कहा गया है। जरूरतमंदों को पानी, सत्तू, घड़ा या पंखा देना बहुत शुभ माना जाता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: वैशाख पूर्णिमा 2026 पूजा कब है?
उत्तर: 1 मई 2026 को मुख्य पूजा की जाएगी।

प्रश्न 2: इस दिन क्या दान करना चाहिए?
उत्तर: जल, सत्तू, फल और मिट्टी का घड़ा दान करना श्रेष्ठ है।

प्रश्न 3: क्या व्रत जरूरी है?
उत्तर: व्रत रखना शुभ है, लेकिन अनिवार्य नहीं है।

Sunil Sharma | The Morning Star

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