बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस साल निगरानी एजेंसियों ने सख्त रुख अपनाया है। बिहार भ्रष्टाचार विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, केवल चार महीनों में 51 कार्रवाई की गई हैं। इनमें 46 ट्रैप केस शामिल हैं, जहां अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया।रिपोर्ट बताती है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और पुलिस विभाग में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इन दोनों विभागों में 8-8 कार्रवाई दर्ज की गई हैं। इसके बाद पंचायती राज विभाग में 4 मामले और स्वास्थ्य विभाग में 3 केस सामने आए हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार भ्रष्टाचार विभाग की यह तेजी पिछले कई वर्षों में सबसे अधिक है। इसके पीछे बेहतर निगरानी और सख्त नीति को मुख्य कारण माना जा रहा है। इसके अलावा खनन, शिक्षा और खाद्य विभागों में भी भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए हैं।सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इससे साफ संकेत मिलता है कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: बिहार में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार किस विभाग में है?
राजस्व एवं भूमि सुधार और पुलिस विभाग में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
प्रश्न 2: बिहार भ्रष्टाचार विभाग ने कितनी कार्रवाई की है?
2026 में केवल चार महीनों में 51 कार्रवाई दर्ज की गई हैं।
प्रश्न 3: ट्रैप केस क्या होता है?
ट्रैप केस में आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा जाता है।

