नासिक TCS विवाद पर गरमाई राजनीति | ओवैसी ने उठाए सवाल

महाराष्ट्र में सामने आए नासिक TCS विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और मतांतरण दबाव मामले में मुख्य आरोपित निदा खान की गिरफ्तारी के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में Asaduddin Owaisi ने खुलकर निदा खान का समर्थन किया है।ओवैसी ने कहा कि यह पूरा मामला “मीडिया ट्रायल” बन चुका है और बिना अदालत के फैसले के किसी को दोषी ठहराना गलत है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी के घर में बुर्का या धार्मिक किताबें मिलना अपराध माना जाएगा। ओवैसी ने यह भी दावा किया कि टीसीएस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार निदा खान एचआर विभाग में कार्यरत नहीं थीं।दूसरी ओर, नासिक पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस ने निदा खान समेत आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वहीं, कुछ नेताओं ने एसआईटी जांच की मांग भी उठाई है। Tata Consultancy Services ने कहा है कि कंपनी जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है। नासिक TCS विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस लगातार बढ़ती जा रही है।

FAQ

Q1. नासिक TCS विवाद क्या है?

यह मामला टीसीएस की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और मतांतरण दबाव से जुड़ा है।

Q2. ओवैसी ने क्या बयान दिया?

ओवैसी ने इसे मीडिया ट्रायल बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

Q3. क्या पुलिस ने कार्रवाई की है?

हाँ, पुलिस ने कई आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

Prem Chand | The Morning Star

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