भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी परेशानी | सोनौली बॉर्डर जाम से सैकड़ों ट्रक फंसे
भारत-नेपाल सीमा पर इन दिनों हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोनौली बॉर्डर जाम की वजह से सैकड़ों भारतीय ट्रक सीमा पर फंसे हैं। नेपाल में लागू नए एमआरपी नियमों और कस्टम जांच के कारण ट्रकों की लंबी कतार लग गई। नौतनवा-सोनौली मार्ग पर करीब 10 किलोमीटर तक वाहन खड़े दिखाई दिए। नेपाल भंसार विभाग द्वारा अस्थायी राहत मिलने के बाद कुछ ट्रकों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। शुक्रवार को करीब 90 भारतीय ट्रक सीमा पार कर सके। इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन अब भी बॉर्डर पर रुके हुए हैं।
शनिवार और रविवार को नेपाल में सार्वजनिक अवकाश होने से कस्टम प्रक्रिया धीमी पड़ गई। सोनौली बॉर्डर जाम का असर व्यापारियों और ट्रक चालकों दोनों पर पड़ा है। कई चालकों को खाने-पीने और पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर व्यापारियों का कहना है कि अचानक लागू नियमों से कारोबार प्रभावित हुआ है। नेपाल सरकार ने आयातित पैकेटबंद सामान पर एमआरपी, ब्रांड और उपभोग तिथि लिखना अनिवार्य किया है। इसी वजह से बिना लेबल वाले सामान की क्लियरेंस रोक दी गई थी। फिलहाल लिखित घोषणा के आधार पर कुछ ट्रकों को राहत दी जा रही है।
FAQ
सवाल: सोनौली बॉर्डर जाम क्यों लगा?
जवाब: नेपाल में नए एमआरपी और लेबलिंग नियम लागू होने के कारण कस्टम क्लियरेंस धीमी हुई।
सवाल: कितने ट्रक सीमा पर फंसे हैं?
जवाब: करीब 500 से अधिक भारतीय ट्रकों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है।
सवाल: क्या अब ट्रकों को अनुमति मिल रही है?
जवाब: हां, अस्थायी राहत के बाद कुछ ट्रकों को नेपाल भेजा गया है।

