जौनपुर में चकमार्ग अतिक्रमण मामले पर प्रशासन सख्त | मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट
सदर तहसील के करंजाकला ब्लॉक स्थित जमीन पकड़ी गांव में जौनपुर चकमार्ग अतिक्रमण का मामला अब प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। राष्ट्रपति के सैन्य सहायक चन्द्रशेखर यादव की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। मामले में तत्काल स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि चकमार्ग संख्या 243 पर कब्जा होने से खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। किसानों को ट्रैक्टर और कृषि उपकरण ले जाने में परेशानी हो रही है।
गांव के लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा।अब प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजस्व विभाग की टीम जल्द मौके का निरीक्षण करेगी। यदि जांच में कब्जे की पुष्टि होती है तो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान जल्द होगा।यह मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। पूर्वांचल के कई इलाकों में चकमार्ग अतिक्रमण किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है।
FAQ
सवाल: जौनपुर चकमार्ग अतिक्रमण मामला क्या है?
यह मामला गांव के सार्वजनिक चकमार्ग पर कथित कब्जे से जुड़ा है।
सवाल: शिकायत किसने की?
राष्ट्रपति के सैन्य सहायक चन्द्रशेखर यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी।
सवाल: प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा?
जांच के बाद अतिक्रमण हटाने और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

