हिमाचल प्रदेश में चल रहे हिमाचल पंचायत चुनाव के पहले चरण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। मंडी जिले के करसोग क्षेत्र में बीडीसी उम्मीदवार का नाम बैलेट पेपर में नहीं छपा, जिसके बाद मतदान केंद्र पर हंगामा शुरू हो गया। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मतदान स्थगित कर दिया। इस घटना ने चुनाव व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ था। ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंचे। चुनाव आयोग के अनुसार सुबह 9:45 बजे तक 18.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सिरमौर जिले में सबसे अधिक 20.22 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि लाहुल-स्पीति में सबसे कम 14.21 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया।
इस बीच कई बुजुर्ग मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के प्रति जागरूकता दिखाई। मंडी जिले में 103 वर्षीय श्यामी देवी ने मतदान किया। वहीं कांगड़ा में 103 वर्षीय सैना देवी भी वोट डालने पहुंचीं। ग्रामीणों ने उनका सम्मान किया। हिमाचल पंचायत चुनाव में कुल 31,182 पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 10,854 पदों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि विवादित क्षेत्रों में जांच के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
FAQ
सवाल: हिमाचल पंचायत चुनाव में विवाद कहां हुआ?
जवाब: मंडी जिले के करसोग क्षेत्र में बैलेट पेपर विवाद सामने आया।
सवाल: मतदान क्यों स्थगित किया गया?
जवाब: बीडीसी उम्मीदवार का नाम बैलेट पेपर में नहीं होने के कारण मतदान रोका गया।
सवाल: सबसे अधिक मतदान किस जिले में हुआ?
जवाब: सिरमौर जिले में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया।
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