यूपी खेल परियोजनाएं | देरी पर सख्ती, हर माह होगी गुणवत्ता जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब यूपी खेल परियोजनाएं तय समय सीमा और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरी कराई जाएंगी। खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन खेल अवस्थापनाओं में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधान भवन से आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि सभी यूपी खेल परियोजनाएं स्वीकृत लागत और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी हों। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति हर माह निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट खेल निदेशालय को भेजेगी। यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने मंडल और जिला स्तर के अधिकारियों को भी नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। जिन जिलों में खेल अवस्थापनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां गुणवत्ता जांच के बाद उनका हस्तांतरण किया जाएगा ताकि जल्द लोकार्पण की प्रक्रिया शुरू हो सके। बैठक में खेल सचिव सुहास एलवाई ने सभी अधिकारियों को परियोजनाओं का विवरण सीएमआईएस पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। इससे यूपी खेल परियोजनाएं अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सकेंगी।

FAQ

प्रश्न: यूपी खेल परियोजनाओं की जांच कितनी बार होगी?
उत्तर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति हर माह निरीक्षण करेगी।

प्रश्न: गुणवत्ता में कमी मिलने पर क्या होगा?
उत्तर: संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रश्न: सीएमआईएस पोर्टल का क्या उपयोग है?
उत्तर: परियोजनाओं की प्रगति और स्थिति को ऑनलाइन अपडेट और मॉनिटर करने के लिए।

Prem Chand | The Morning Star

Please Read and Share
Verified by MonsterInsights