खाड़ी जहाज हमले | भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भारत ने जताई गंभीर चिंता
खाड़ी जहाज हमले को लेकर भारत ने कड़ी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं को तुरंत रोका जाना चाहिए। हाल ही में ओमान के तट के पास हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिससे पूरे देश में चिंता बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब समुद्री मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। इसी कारण खाड़ी जहाज हमले जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार 8 जून से अब तक भारतीय क्रू वाले तीन जहाज हमलों का शिकार हुए हैं। मैरिवेक्स जहाज में आग लगने की घटना में सभी 24 भारतीय सुरक्षित बच गए। वहीं एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इसके अलावा एमटी जलवीर पर हुए हमले में सभी 20 भारतीय सुरक्षित हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी जहाज हमले नहीं रुके तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
FAQ
प्रश्न: खाड़ी जहाज हमले में कितने भारतीयों की मौत हुई?
उत्तर: हालिया हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है।
प्रश्न: भारत सरकार ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: भारत ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें तुरंत रोकने की मांग की है।
प्रश्न: एमटी जलवीर जहाज के नाविक सुरक्षित हैं?
उत्तर: हां, सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
