सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख, राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दी बड़ी चेतावनी
भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चा में रहने वाली सिंधु जल संधि को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को संरक्षण देने वालों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि का निलंबन जारी रहेगा। राजनाथ सिंह ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दिया गया है कि भारत शांति चाहता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना भी जानता है।
गौरतलब है कि वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए थे। यह समझौता सिंधु नदी प्रणाली के जल बंटवारे से जुड़ा है। हालांकि, हाल के वर्षों में बढ़ते आतंकवादी हमलों के कारण भारत ने इस संधि को लेकर अपना रुख और अधिक कठोर कर लिया है। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में एनडीए सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
FAQ
प्रश्न: सिंधु जल संधि क्या है?
उत्तर: यह भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुआ जल बंटवारा समझौता है।
प्रश्न: भारत ने सिंधु जल संधि को क्यों निलंबित किया?
उत्तर: सीमा पार आतंकवाद और पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने यह कदम उठाया।
प्रश्न: राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वालों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने दिया जाएगा।
