यूपी बिजली मांग में गिरावट | मौसम बदलते ही 2000 मेगावाट कम हुई डिमांड, 15 यूनिट रिजर्व शटडाउन पर
उत्तर प्रदेश में मौसम के बदलाव ने बिजली विभाग को बड़ी राहत दी है। पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश और आंधी के कारण यूपी बिजली मांग में गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग, जो कुछ समय पहले 31,894 मेगावाट तक पहुंच गई थी, अब घटकर लगभग 29,000 मेगावाट के आसपास आ गई है। इससे करीब 2000 मेगावाट की कमी दर्ज हुई है। मांग में आई इस गिरावट को देखते हुए विद्युत उत्पादन निगम ने अपनी 15 उत्पादन इकाइयों को रिजर्व शटडाउन पर भेज दिया है। हालांकि बिजली की उपलब्धता पर्याप्त होने के बावजूद कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली लाइनों में फॉल्ट बढ़ गए हैं और कई ट्रांसफार्मर भी खराब हुए हैं।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि तकनीकी खामियों के कारण निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने फील्ड में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून शुरू होने से पहले बिजली विभाग को वितरण नेटवर्क की जांच और रखरखाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके।
FAQ
Q1. यूपी में बिजली की मांग कितनी घटी है?
उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग करीब 2000 मेगावाट कम हुई है।
Q2. कितनी उत्पादन इकाइयों को रिजर्व शटडाउन दिया गया है?
विद्युत उत्पादन निगम ने 15 यूनिटों को रिजर्व शटडाउन पर रखा है।
Q3. बिजली फॉल्ट क्यों बढ़ रहे हैं?
बारिश, तेज हवाओं और ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण फॉल्ट बढ़ रहे हैं।
