AIIMS Study | योग थेरेपी से अल्जाइमर और बेहोशी की समस्या में मिली राहत, शोध में सामने आए बड़े फायदे
योग थेरेपी अल्जाइमर और बार-बार बेहोश होने की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए एक प्रभावी सहायक उपचार साबित हो सकती है। हाल ही में एम्स (AIIMS) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययनों में यह सामने आया है कि नियमित योगाभ्यास मानसिक स्वास्थ्य, याददाश्त और शारीरिक संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करता है। एम्स के शोध के अनुसार, वेसोवैगल सिंकोप यानी बार-बार चक्कर आने या बेहोश होने की समस्या से पीड़ित मरीजों में योग थेरेपी के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। अध्ययन में शामिल मरीजों ने आसन, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग और ध्यान का अभ्यास किया। शोध में पाया गया कि योग करने वाले मरीजों में बेहोशी और चक्कर आने की घटनाएं सामान्य उपचार लेने वाले मरीजों की तुलना में काफी कम रहीं।
इसके अलावा, अल्जाइमर के शुरुआती चरण के मरीजों पर भी योग थेरेपी का सकारात्मक प्रभाव देखा गया। 12 सप्ताह तक नियमित योग करने वाले मरीजों की याददाश्त, मानसिक क्षमता और मनोदशा में सुधार दर्ज किया गया। साथ ही अवसाद के लक्षणों में कमी और आंतों के माइक्रोबायोम में सकारात्मक बदलाव भी पाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि योग अल्जाइमर का पूर्ण उपचार नहीं है, लेकिन यह रोग की शुरुआती अवस्था में महत्वपूर्ण सहायक चिकित्सा बन सकता है। यह शोध योग को एक सुरक्षित, सुलभ और कम लागत वाले स्वास्थ्य विकल्प के रूप में स्थापित करता है।
FAQ
प्रश्न: क्या योग थेरेपी अल्जाइमर को पूरी तरह ठीक कर सकती है?
उत्तर: नहीं, लेकिन यह शुरुआती अवस्था में लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है।
प्रश्न: योग थेरेपी का लाभ कब तक दिखाई देता है?
उत्तर: शोध के अनुसार लगभग छह सप्ताह के भीतर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगते हैं।
