US-Iran समझौता वार्ता | स्विट्जरलैंड में शांति की दिशा में बड़ा कदम, जेडी वेंस और अब्बास अराघची की अहम बैठक
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच US-Iran समझौता वार्ता ने एक नई उम्मीद जगाई है। अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के बाद अब स्थायी शांति समझौते की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। इसी सिलसिले में दोनों देशों के वरिष्ठ नेता स्विट्जरलैंड पहुंचे, जहां जेनेवा और बर्गनस्टॉक में महत्वपूर्ण बैठकों का दौर चला।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ तथा आर्थिक मामलों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी मध्यस्थता प्रयासों में नजर आए। जानकारी के अनुसार, US-Iran समझौता वार्ता 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलना और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल रहती है तो मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है और वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी राहत मिल सकती है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच और भी दौर की बातचीत होने की संभावना है, जिन पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
FAQ
Q1. US-Iran समझौता वार्ता कहां हुई?
स्विट्जरलैंड के जेनेवा और बर्गनस्टॉक में।
Q2. बैठक में अमेरिका की ओर से कौन शामिल था?
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ।
Q3. इस वार्ता का उद्देश्य क्या है?
स्थायी शांति समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना।
