लखनऊ अग्निकांड | सूरत और राजकोट जैसी दर्दनाक घटनाओं की फिर याद, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लखनऊ अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले कोचिंग सेंटर में लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई। भवन में गेमिंग जोन, लाइब्रेरी, पेट शॉप और कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे थे।
यह लखनऊ अग्निकांड लोगों को गुजरात के राजकोट और सूरत में हुई दर्दनाक आग की घटनाओं की याद दिला रहा है। मई 2024 में राजकोट के TRP गेम जोन में लगी आग में 27 लोगों की जान चली गई थी। वहीं सूरत के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में हुए अग्निकांड में 20 छात्रों की मौत हुई थी। उस हादसे में कई छात्र जान बचाने के लिए ऊंची मंजिलों से कूदने को मजबूर हो गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि कोचिंग सेंटरों, गेमिंग जोन और व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर भवन सुरक्षा, आपातकालीन निकास और फायर ऑडिट की जरूरत को सामने ला दिया है।
FAQ
प्रश्न: लखनऊ अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
प्रश्न: आग कहां लगी थी?
उत्तर: अलीगंज स्थित एक कॉम्प्लेक्स में, जहां कोचिंग सेंटर और गेमिंग जोन संचालित थे।
प्रश्न: इस घटना की तुलना किन हादसों से की जा रही है?
उत्तर: राजकोट गेम जोन आग हादसा और सूरत तक्षशिला कोचिंग सेंटर अग्निकांड से।
