BRICS सुरक्षा संगठन को लेकर ईरान का बड़ा प्रस्ताव, NATO जैसी व्यवस्था की उठी मांग
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने BRICS सुरक्षा संगठन को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने की मांग उठाई है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सुरक्षा एजेंसियों की बैठक में ईरान के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. गादिर नेजामीपुर ने सदस्य देशों के बीच व्यापक सुरक्षा सहयोग पर जोर दिया। ईरान का मानना है कि BRICS सुरक्षा संगठन भविष्य में उभरते वैश्विक खतरों का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए उन्होंने संकट प्रबंधन संस्थान, सुरक्षा सूचना नेटवर्क, रणनीतिक सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकी साझेदारी जैसे चार प्रमुख सुझाव दिए।
ईरान ने कहा कि सदस्य देशों को साइबर सुरक्षा, आतंकवाद, हाइब्रिड युद्ध और बाहरी हस्तक्षेप जैसी चुनौतियों के खिलाफ संयुक्त रणनीति अपनानी चाहिए। साथ ही विकासशील देशों के हितों की रक्षा के लिए बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई। हालांकि भारत, रूस, चीन और अन्य BRICS देशों की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वर्तमान में BRICS मुख्य रूप से आर्थिक, वित्तीय और विकास सहयोग पर केंद्रित मंच माना जाता है। इसके बावजूद ईरान की पहल ने वैश्विक कूटनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
FAQ
प्रश्न: BRICS सुरक्षा संगठन को लेकर ईरान ने क्या प्रस्ताव दिया है?
उत्तर: ईरान ने BRICS को मजबूत सुरक्षा सहयोग वाले मंच के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है।
प्रश्न: क्या BRICS NATO जैसा सैन्य गठबंधन बन सकता है?
उत्तर: फिलहाल BRICS आर्थिक और बहुपक्षीय सहयोग पर केंद्रित है, इसलिए NATO जैसी संरचना की संभावना सीमित मानी जाती है।
