Supriya Sule 131st Constitution Amendment Bill :– राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक को सैद्धांतिक रूप से समर्थन देने की बात कही है, लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक का समर्थन तभी करेगी, जब केंद्र सरकार यह स्पष्ट और लिखित आश्वासन दे कि सभी राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। उनका कहना है कि परिसीमन की प्रक्रिया निष्पक्ष और संतुलित होनी चाहिए, ताकि किसी राज्य की राजनीतिक भागीदारी प्रभावित न हो।
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उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में है, लेकिन परिसीमन की प्रक्रिया ऐसी नहीं होनी चाहिए जिससे जनसंख्या नियंत्रण में सफल राज्यों को नुकसान उठाना पड़े। सुले के अनुसार, राष्ट्रीय हित और संघीय ढांचे की भावना को ध्यान में रखते हुए सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार किया जाना आवश्यक है।
हाल के दिनों में एनसीपी (शरद पवार गुट) के रुख को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी का अंतिम निर्णय सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव और उसकी शर्तों को देखने के बाद ही लिया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पार्टी का उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ के बजाय राज्यों के हितों की रक्षा करना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के आगामी सत्र में परिसीमन और संविधान संशोधन विधेयक पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में सुप्रिया सुले का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे विपक्ष की रणनीति और विधेयक के भविष्य को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।