केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है कि जम्मू-कश्मीर PMAY-U के तहत अब तक 43,907 पक्के मकानों का निर्माण पूरा कर लाभार्थियों को सौंप दिया गया है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के दूसरे चरण में 42,584 नए मकानों को मंजूरी प्रदान की गई है। यह जानकारी केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने सदन में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
सरकार के अनुसार जम्मू-कश्मीर PMAY-U का उद्देश्य पात्र शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही पेयजल, बिजली, स्वच्छता और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी आवास परियोजनाओं का हिस्सा बनाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएमएवाई-यू और उसके दूसरे चरण को पूरे देश में लागू किया जा रहा है
ताकि हर पात्र शहरी नागरिक को सम्मानजनक जीवन के लिए अपना घर मिल सके। जम्मू-कश्मीर में पहले चरण की सफलता के बाद दूसरे चरण की मंजूरी से हजारों नए परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर PMAY-U के तहत तेजी से हो रहा आवास निर्माण स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
इससे निर्माण क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य “सभी के लिए आवास” अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है
ताकि अधिक से अधिक परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास मिल सके।
Sunil Sharma | The Morning Star
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: जम्मू-कश्मीर में PMAY-U के तहत कितने घर बन चुके हैं?
उत्तर: अब तक 43,907 पक्के मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है।
प्रश्न 2: दूसरे चरण में कितने नए मकानों को मंजूरी मिली है?
उत्तर: PMAY-U 2.0 के तहत 42,584 नए मकानों को स्वीकृति दी गई है।
प्रश्न 3: योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: पात्र शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराना।