वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते घाटों तक पहुंचने वाले कई रास्ते पानी में डूब गए हैं। इसी वजह से प्रशासन ने काशी विश्वनाथ गंगा गेट बंद करने का फैसला लिया है। यह गेट काशी विश्वनाथ मंदिर के छह प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक है और सीधे गंगा घाट से जुड़ा हुआ है।
प्रशासन के अनुसार, गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाट और मंदिर के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ गंगा गेट बंद कर दिया गया है। हालांकि, मंदिर के अन्य पांच प्रवेश द्वार पहले की तरह खुले हुए हैं।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट, मणिकर्णिका घाट और आसपास के
कई इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
ऐसे में काशी विश्वनाथ गंगा गेट बंद होने से प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।
प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जलस्तर
सामान्य होने के बाद गेट को फिर से खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
FAQ
1. काशी विश्वनाथ गंगा गेट क्यों बंद किया गया है?
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने और घाटों का संपर्क टूटने के कारण गेट को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
2. क्या काशी विश्वनाथ मंदिर बंद है?
नहीं, मंदिर के अन्य पांच प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुले हुए हैं।
3. श्रद्धालु मंदिर में कैसे प्रवेश कर सकते हैं?
श्रद्धालु वैकल्पिक प्रवेश द्वारों का उपयोग करके मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं।
4. गंगा गेट कब तक बंद रहेगा?
जलस्तर सामान्य होने के बाद प्रशासन स्थिति की समीक्षा करेगा।