Delhi Journalists Police Case: महिला पत्रकारों के आरोपों पर बढ़ा विवाद, निष्पक्ष जांच की मांग

दिल्ली में दो महिला पत्रकारों और पुलिस से जुड़ा मामला चर्चा में है। Delhi Journalists Police Case में 4PM News Network से जुड़ी पत्रकार शाहीन खान और उनकी सहयोगी नफीसा खान ने दिल्ली पुलिस पर कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पत्रकार दक्षिण दिल्ली में एक कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंची थीं। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश के दौरान उन्हें पुलिस ने रोका। बाद में उन्हें साकेत थाने ले जाया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि वहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने अलग पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार, विवाद VVIP रूट के पास वाहन खड़ा करने और उसे हटाने के निर्देश से शुरू हुआ। पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया है। Delhi Journalists Police Case सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। CCTV फुटेज, मेडिकल दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्य घटनाक्रम को स्पष्ट करने में अहम हो सकते हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को स्थापित तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

Devi Das | The Morning Star

FAQ

सवाल: Delhi Journalists Police Case क्या है?
जवाब: दो महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है।

सवाल: क्या मामले की जांच की मांग हुई है?
जवाब: हां, पत्रकार संगठनों ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

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