पीलीभीत टाइगर रिजर्व फाउंडेशन बैठक में 99 लाख के प्रस्ताव मंजूर
उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध पीलीभीत टाइगर रिजर्व फाउंडेशन बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 99 लाख रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई, जिससे वन्यजीव संरक्षण और इको टूरिज्म को नई गति मिलने की उम्मीद है। बैठक के दौरान अधिकारियों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने, फील्ड स्टाफ के लिए संसाधन उपलब्ध कराने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए कई योजनाओं पर चर्चा की। स्वीकृत प्रस्तावों का उद्देश्य जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना है।
राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व फाउंडेशन बैठक के फैसले प्रदेश में वन संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। उन्होंने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। यहां बाघों की बेहतर निगरानी और संरक्षण के कारण कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। वन मंत्री ने वन्यजीव सप्ताह के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में भी भाग लिया और लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से स्थानीय रोजगार, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को लाभ मिलेगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. पीलीभीत टाइगर रिजर्व फाउंडेशन बैठक में कितने रुपये के प्रस्ताव मंजूर हुए?
उत्तर: बैठक में 99 लाख रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
Q2. इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इको टूरिज्म बढ़ाना, वन्यजीव संरक्षण मजबूत करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना।
Q3. बैठक की अध्यक्षता किसने की?
उत्तर: वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने।
Q4. पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह बाघ संरक्षण, जैव विविधता और इको टूरिज्म के लिए देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में शामिल है।
