सीओ जिया उल हक हत्याकांड में 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

“जिया उल हक हत्याकांड: 11 साल बाद 10 आरोपियों को आजीवन कारावास, सीबीआई कोर्ट का फैसला”

कुंडा के सीओ रहे जिया उल हक हत्याकांड का 11 वर्ष बाद शुक्रवार को फैसला आया। सभी 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

सभी आरोपियों पर 19 हज़ार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की आधी रकम डिप्टी एसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद को देने का सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने आदेश दिया है। डीएसपी जिया उल हक हत्याकांड के मामले में सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

कुछ दिन पहले सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपियों को दोषी ठहराया था और आरोपियों को सजा कल बुधवार को सुनाई गई है। आपको बता दें कि प्रतापगढ़ जिले में बलीपुर के प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद उसके भाई की गोली लगने से मौत से आक्रोशित लोगों ने सीओ की लाठी डंडों से पीटने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी।

देवरिया जनपद के नूनखार टोला जुआफर के रहने वाले जिया उल हक को 2012 में कुंडा के सीओ की जिम्मेदारी निभा रहे थे। हत्या का आरोप कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के साथ उनके करीबी कई अन्य लोगों पर लगा था। हालांकि जांच के दौरान सीबीआई ने विधायक राजा भैया को क्लीन चिट दे दी थी।

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