बंटेंगे तो कटेंगे, एक हैं तो सेफ हैं’ | महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव से पहले पीएम मोदी का संदेश, समाज में एकता की अपील

महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज में एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “बंटेंगे तो कटेंगे, एक हैं तो सेफ हैं”, जो इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। पीएम मोदी ने लोगों से विभाजनकारी सोच से दूर रहने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज की ताकत उसकी एकजुटता में होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ ताकतें लोगों को जाति, धर्म और समुदाय के आधार पर बांटने का प्रयास करती हैं, लेकिन देश की प्रगति तभी संभव है जब सभी नागरिक मिलकर आगे बढ़ें। पीएम मोदी का यह संदेश खासतौर पर चुनावी माहौल में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है।

महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज हैं। ऐसे समय में पीएम मोदी का यह बयान राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे समाज में फैलने वाली नफरत और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहें। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसे बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। Sunil Sharma | The Morning Star के अनुसार, पीएम मोदी का यह संदेश केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में एकता, सुरक्षा और सामूहिक विकास के महत्व को भी रेखांकित करता है।

FAQ

Q1. पीएम मोदी ने “बंटेंगे तो कटेंगे, एक हैं तो सेफ हैं” कब कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संदेश महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों से पहले अपने संबोधन में दिया।

Q2. इस संदेश का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य समाज में एकता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है।

Q3. पीएम मोदी ने युवाओं से क्या अपील की?

उन्होंने युवाओं से नफरत फैलाने वाली ताकतों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने की अपील की।

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