असम-मेघालय सीमा पर कोयला खदान हादसा: चौथे दिन भी बचाव अभियान जारी, नेवी-एनडीआरएफ कर रही राहत कार्य

असम के डिमा हसाओ जिले के उमरंगसो क्षेत्र में स्थित कोयला खदान हादसे का गुरुवार को चौथा दिन है और बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। इस खदान में 11 खनिकों के फंसे होने की आशंका है। नेवी, थल सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई राहत एजेंसियां इस बचाव अभियान में जुटी हैं”।

🔹 गोताखोरों ने अब तक एक शव बरामद किया

बचाव अभियान के दौरान तीसरे दिन एक शव को खदान से बाहर निकाला गया था। मृतक की पहचान राजेन शेर्च (42) के रूप में हुई है, जो नेपाल के उदयपुर जिले का निवासी था।

🔹 खदान में अभी भी पानी भरा हुआ

राहत एजेंसियों को खदान में पानी भरे होने के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खदान करीब 200 मीटर गहरी है और उसमें अभी भी 50 से 60 फीट तक पानी भरा हुआ है।

🔹 कोल इंडिया और ऑयल इंडिया के पंप से पानी निकालने का प्रयास

खदान से पानी निकालने के लिए कोल इंडिया और ऑयल इंडिया के पंप का उपयोग किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, कोल इंडिया का पंप कोलकाता से जल्द पहुंचने वाला है। पानी निकालने के लिए कई एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं।

🔹 खनिकों को ढूंढना बड़ी चुनौती

बचाव अभियान में जुटे गोताखोरों ने बताया कि खदान के अंदर कई बार जांच करने के बावजूद कोई नई जानकारी नहीं मिली है। ऐसा माना जा रहा है कि खनिक रैट होल (सुरंग) के अंदर फंसे हो सकते हैं।

🔹 हादसे की पृष्ठभूमि

सोमवार को अचानक खदान में पानी भरने के कारण खनिक अंदर फंस गए थे। हालांकि अभी तक अंदर फंसे खनिकों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है।

🔔 उम्मीद जगी, पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है

राहत एजेंसियों के अनुसार, पानी निकालने के प्रयासों के बाद पानी का स्तर तेजी से नहीं बढ़ रहा है, जिससे बचाव कार्य में सुधार की उम्मीद है

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