Zomato में छंटनी की लहर: कर्मचारियों की नौकरी पर फिर संकट

“भारत की अग्रणी फूड डिलीवरी कंपनी Zomato एक बार फिर कर्मचारियों की छंटनी को लेकर चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने 2025 की पहली तिमाही में लगभग 3% कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इससे कंपनी के सैकड़ों कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।”

कंपनी का बयान – छंटनी एक ‘परफॉर्मेंस-आधारित’ निर्णय

Zomato के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि यह छंटनी किसी वित्तीय संकट के कारण नहीं, बल्कि नियमित ‘परफॉर्मेंस रिव्यू’ प्रक्रिया के तहत की गई है। कंपनी का कहना है कि हर साल परफॉर्मेंस के आधार पर समीक्षा की जाती है और इसी प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया गया।

Zomato की छंटनी का असर कर्मचारियों पर

कंपनी की ओर से भले ही इसे रूटीन प्रोसेस कहा जा रहा हो, लेकिन कर्मचारियों के लिए यह मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से झटका है। कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता और दुख जताया है। इनमें से कुछ कर्मचारी वर्षों से Zomato से जुड़े हुए थे।

Zomato छंटनी 2025 का कारण – क्या टेक इंडस्ट्री में मंदी जारी है?

हाल के वर्षों में कई बड़ी टेक और स्टार्टअप कंपनियों ने भी छंटनी की है, जैसे Byju’s, Unacademy, Swiggy आदि। इससे यह साफ है कि भारतीय स्टार्टअप जगत में मंदी का दौर जारी है। Zomato छंटनी 2025 इसी बड़ी लहर का हिस्सा हो सकती है।

Zomato की मौजूदा रणनीति और कारोबारी हालात

Zomato हाल के समय में कई बिज़नेस निर्णय ले चुकी है – Blinkit का अधिग्रहण, Hyperpure में निवेश, और नए मार्केट में विस्तार। कंपनी ने अपनी प्राथमिकताओं को री-अलाइन करते हुए लागत नियंत्रण पर अधिक ध्यान देना शुरू किया है। यह छंटनी भी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

Zomato कर्मचारियों के लिए विकल्प और सहायता

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों को सीमित समय के लिए हेल्थ बेनिफिट्स और आउटप्लेसमेंट सपोर्ट देने की पेशकश की है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि सहायता पर्याप्त नहीं है और उन्हें आगे की नौकरी तलाशने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या यह Zomato के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है?

विश्लेषकों का मानना है कि Zomato जैसी कंपनियां अब ‘सस्टेनेबल ग्रोथ’ की ओर बढ़ रही हैं। बीते कुछ वर्षों की आक्रामक ग्रोथ रणनीति के बाद अब कंपनियां अपने ऑपरेशन्स को कुशल बनाने की कोशिश कर रही हैं। इससे यह संभावना बढ़ जाती है कि ऐसी छंटनियां आगे भी देखने को मिल सकती हैं।

सोशल मीडिया और पब्लिक रिएक्शन

Zomato छंटनी 2025 को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग कंपनी की आर्थिक मजबूरी को समझ रहे हैं, जबकि अन्य इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। खासकर वे लोग जो लंबे समय से कंपनी के साथ जुड़े थे, खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

कर्मचारियों की राय और अनुभव

Zomato से निकाले गए कई कर्मचारियों ने लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने अनुभव साझा किए हैं। कुछ ने कहा कि उन्हें बिना किसी पूर्व चेतावनी के हटाया गया, जबकि कुछ ने कंपनी की ओर से मिले सपोर्ट को सराहा भी है।

सरकार और इंडस्ट्री की भूमिका

टेक इंडस्ट्री में बढ़ती छंटनी को देखते हुए कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार को स्टार्टअप्स के लिए कुछ नीतिगत ढांचे तैयार करने चाहिए जिससे ऐसी अनिश्चितताओं से कर्मचारियों को बचाया जा सके।

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