अक्षय तृतीया पर सोना और चांदी की बिक्री में उछाल, 16,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान
भारत में अक्षय तृतीया को खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। यही वजह है कि सोना और चांदी की बिक्री हर साल नए रिकॉर्ड बनाती है। इस वर्ष भी ज्वेलर्स संगठनों और व्यापार विशेषज्ञों ने करीब 16,000 करोड़ रुपये के कुल कारोबार का अनुमान जताया है। इसमें लगभग 12,000 करोड़ रुपये का सोना और 4,000 करोड़ रुपये की चांदी शामिल हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अक्षय तृतीया पर सोना और चांदी की बिक्री बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहले, धार्मिक मान्यताओं के कारण लोग इस दिन निवेश और आभूषण खरीदना शुभ मानते हैं। इसके अलावा, बाजार में कीमतों की स्थिरता ने भी ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया है। वहीं, डिजिटल गोल्ड और ऑनलाइन खरीदारी के विकल्पों ने युवाओं को आकर्षित किया है।
दिल्ली, मुंबई, जयपुर, सूरत और कोलकाता जैसे प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। ज्वेलर्स का कहना है कि पारंपरिक गहनों के साथ-साथ हल्के डिजाइनर आभूषण और डिजिटल गोल्ड की मांग भी बढ़ी है। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भी अक्षय तृतीया पर सोना और चांदी की बिक्री में लगातार वृद्धि देखने को मिल सकती है। यह त्योहार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था और ज्वेलरी उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर बन चुका है।
FAQ (हिंदी)
Q1. अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ क्यों माना जाता है?
अक्षय तृतीया को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है।
Q2. इस वर्ष कितने करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है?
विशेषज्ञों ने लगभग 16,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया है।
Q3. क्या डिजिटल गोल्ड की मांग बढ़ रही है?
हाँ, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल गोल्ड की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
Q4. किन शहरों में सबसे अधिक खरीदारी देखी गई?
दिल्ली, मुंबई, जयपुर, सूरत और कोलकाता में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।
रिपोर्ट: Sunil Sharma | The Morning Star
